होमिओपाथी की दоказательता और प्रभाव
Complementary & alternative
होम्योपैथिक तैयारियों की अनंत रूप से कम सांद्रता, जो अक्सर घुले हुए पदार्थ के एक अणु भी नहीं रखती हैं, 19वीं सदी से ही इन तैयारियों के प्रभावों पर प्रश्नों का आधार रही है। होम्योपैथी के आधुनिक समर्थकों ने 'पानी की स्मृति' की अवधारणा प्रस्तावित की है, जिसके अनुसार पानी उसमें मिलाए गए पदार्थों को 'याद रखता' है और उन्हें सेवन करने पर उनका प्रभाव पहुंचाता है। यह अवधारणा वर्तमान में पदार्थ की समझ से असंगत है, और पानी की स्मृति कभी भी किसी भी पता चलने योग्य प्रभाव के रूप में मौजूद होने का प्रमाण नहीं मिला है, चाहे वह जैविक हो या अन्यथा।