गोल्डिंग बाइर्ड
Conventional medicine
गोल्डिंग बायर एक अंग्रेज़ चिकित्सक और रायल कॉलेज ऑफ फाइबरिश में सदस्य थे। वह 1844 में उत्पन्न द्रवों पर एक व्यापक लेख प्रकाशित करके रीढ़ीय बीमारियों के विषय में एक बड़ा संबद्ध व्यक्ति बन गए। उन्होंने इलेक्ट्रिस्टिक और इलेक्ट्रोकीमियाल चिकित्सा के मुख्य उपयोगों पर भी काम किया। 1836 से, वह लंदन के एक जानकारी-शैक्षणिक इमारत में गुय होस्पिटल में शिक्षा प्रदान करने लगे, जो अब किंग्स कॉलेज लंदन का हिस्सा है, और एक सामान्य चिकित्सा छात्रों के लिए प्रसिद्ध विज्ञान पुस्तक "प्राकृतिक फिलोसोफी के अवधारणाओं" का प्रकाशन कर दिया।