pH-अनुक्रमित रोग-पार्श्व परिणामी दवा पहचान

Conventional medicine

pH-अनुक्रमित रोग स्थल पर लक्षित दवा पहचान का एक विशेष रूप से लक्षित दवा पहचान है जो नानोसंरचनाओं का उपयोग करके दीर्घकालिक रूप से रोग स्थल पर दवा का अभिवहन करता है, जबकि स्वस्थ टेस्तिकल से इसका युग्मीकरण कम करता है। वैज्ञानिकों ने दवा पहचान को एक तरीके से उपयोग किया है, जिसमें दवा को विभिन्न अनुक्रमणकारी, दवा नосिटर्स और चिकित्सा संसाधनों के साथ मिलाया गया है। इन दवा पहचान-प्रणाली को रोग या वाहन रोगी के तेजस्वी या रक्त संरचनाओं के pH वातावरण पर प्रतिक्रिया करने के लिए बनाया गया है, जो दवा पहचान-प्रणाली में संरचनात्मक और रसायनशासी परिवर्तन को उत्पन्न करता है। इस लक्षित दवा पहचान के रूप में दवा पहचान की स्थानीयीकरण, दवा का प्रभाव को बढ़ावा देता है और दवा को रक्षित रखता है जबकि यह रक्त में उसे रोग स्थल पर पहुंचने से पहले विनाश किया जाए या बाहर हटा दिया जाए।

Source

  1. Wikipedia — Read the full article