प्रायोजकता (Prayojakata)

Complementary & alternative

मनोवैश्वर्य एक मानसिक स्थिति का वर्णन करता है, जहाँ मन की सामग्री और बाहरी दुनिया के बीच कोई अंतर नहीं रखा जाता - मन में सोचा गया है वह आत्मवादी तौर पर सत्य माना जाता है।

Source

  1. Wikipedia — Read the full article