संक्षिप्त आकार की बायोरेक्टर

Conventional medicine

कम आयामी बायोरेक्टर किसी विशिष्ट प्रक्रिया के लिए या बड़ी आयामी बायोप्रोसेस को छोटे आयामी मॉडल में प्रतिनिधित्व करने या पुनर्प्रतिष्ठान के लिए डिज़ाइन किए गए होते हैं। इन मॉडलों की भौतिक संरचना, वेदक की रूपरेखा, टायर्ड डिज़ाइन और बुखार व्यवस्था के स्थानों के बीच छोटे और बड़े आयामों में अप्रतिभाजित रूप से एक ही होना चाहिए। इस कार्य के लिए, कंप्यूटर फ्लुइड डायनामिक्स (CFD) का उपयोग किया जाता है, जो मिश्रण प्रक्रियाओं से छोटी आयामी मॉडलों तक बड़ी उत्पादन आयामों तक की स्केलिंग का परीक्षण करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। वैज्ञानिकों ने ये मॉडल पर अध्ययनों के परिणाम का उपयोग करके, लैब स्केल अध्ययनों से उद्योगी बड़ी आयामी स्थितियों में पहुंच का विकास करते हैं।

Source

  1. Wikipedia — Read the full article