सोहाम (संस्कृतम्)
Complementary & alternative
Soham या Sohum एक हिंदू मंत्र है जिसका संस्कृत में शाब्दिक अर्थ ‘वह (है) मैं’ होता है, अर्थात् ‘मैं वही हूँ’। यह मंत्र saḥ + aham का सन्धि है जिसे ham + sa के रूप में उलटा जा सकता है और अंग्रेज़ी में इसे So’ham, So Ham, So-aham, So Hum, Saham, Sa'ham, Sau-ha, Sah-karena और Sahkara के रूप में विभिन्न तरीकों से लिखा जाता है; अंतिम दो रूप ‘साह का ध्वनि’ को दर्शाते हैं। वैदिक दर्शन में Soham का अर्थ स्वयं को ब्रह्मन् के साथ पहचानना है, तथा so 'haṃ haṃsaḥ संयोजन को भी ‘मैं हंस हूँ’ के रूप में व्याख्यायित किया गया है, जहाँ हंस आत्मा (Atman) का प्रतीक है।