मलस (आयुर्वेदीय)

Complementary & alternative

आयुर्वेद में माला शरीर के अपशिष्ट उत्पाद हैं। ट्रिमाला में मूत्र, मल और पसीना शामिल होते हैं। आयुर्वेद में आंखों, कानों, नाक, आँसू, नाखून और बालों की निकासी को भी माला के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। माला का प्रभावी उन्मूलन अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यह शरीर की मूल संरचना और कार्यप्रणाली में योगदान देने वाले स्तंभों में से एक है।

Source

  1. Wikipedia — Read the full article